Bhagavad Gita Quotes in Sanskrit with Hindi translation and Karma Bhagavad Gita motivational quotes in Hindi.
तुम्हारा अधिकार सिर्फ कर्म करने में है, फल पर नहीं।
सफलता और असफलता में एक जैसा रहो, यही सच्चा योग है।
आत्मा न पैदा होती है, न मरती है — यह हमेशा रहती है।
जैसे पुराने कपड़े उतारकर नए पहनते हैं, वैसे ही आत्मा नया शरीर लेती है।
अपना धर्म निभाना सबसे अच्छा है, चाहे उसमें दोष ही क्यों न हो।
सुख-दुख, जीत-हार को बराबर मानो और बिना डर के अपना काम करो।
जब-जब धर्म की हानि होती है, मैं जन्म लेता हूँ।
अच्छे लोगों की रक्षा के लिए और बुरे लोगों के नाश के लिए मैं हर युग में आता हूँ।
मन पर नियंत्रण रखने वाला व्यक्ति ही सच्चा योगी है।
जो हुआ वह अच्छा हुआ, जो हो रहा है वह भी अच्छा है, और जो होगा वह भी अच्छा ही होगा।
Karma Bhagavad Gita Quotes In Hindi
“सफलता उसी व्यक्ति को मिलती हैं, जिसका स्वयं की इन्द्रियों पर बस हो।”
“यदि परिस्थितियां आपके हक़ में नहीं है, तो विश्वास कीजिए कुछ बेहतर आपकी तलाश में है।”
“कर्म ज्ञान से अज्ञात मानव, कोई महामानव नहीं केवल अज्ञानी है।”
“मोह बंधन ही मानव को पथ से भटकाते हैं, सफलता के लिए सद्मार्ग पर चलना अनिवार्य है।”
“योगियों की भांति ही ध्यान केंद्रित करना सीखें, जहाँ स्वार्थ का कोई स्थान न हो।”
“मन की परेशानी या समय की हैरानी का एक ही हल है कि आप अपने सवालों के जवाबों के पीछे ऐसे पड़ जाए, जैसे आप एक हठयोगी हो।”
“दूसरे की कामयाबी से जलना क्यों है, आपका परिश्रम ही आपको सफल बनाता है।”
“जीत हो या हार दोनों का सम्मान करना सीखें, क्योंकि दोनों में ही ईश्वर की इच्छा होती है।”
“मनुष्य जैसा लेता है आहार, वैसे ही बन जाते हैं उसके विचार।”
“हर प्राणी के जीवन में परीक्षा का समय आता है, इसका अर्थ यह नहीं कि निराश हुआ जाए।”
Bhagavad Gita Motivational Quotes In Hindi
कर्म कर, फल की चिंता मत कर।
जो हुआ अच्छा हुआ, जो होगा वह भी अच्छा ही होगा।
मन ही मित्र है, मन ही शत्रु है।
शांत चित्त में ही भगवान का वास होता है।
सत्य कभी नष्ट नहीं होता।
जिसने अपने मन को जीत लिया, उसने सब कुछ जीत लिया।
अच्छे कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाते।
अपने धर्म का पालन सर्वोत्तम है।
आत्मा न जन्म लेती है, न मरती है।
क्रोध से भ्रम होता है, भ्रम से बुद्धि का नाश।
Bhagavad Gita Quotes In Sanskrit With Hindi Translation
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन॥
हिंदी: तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में नहीं।
मनः प्रशान्ति परमं सुखम्॥
हिंदी: शांत मन ही परम सुख है।
न जायते म्रियते वा कदाचित्॥
हिंदी: आत्मा न जन्म लेती है, न मरती है।
श्रीभगवानुवाच: योगः कर्मसु कौशलम्॥
हिंदी: कर्मों में कुशलता ही योग है।
उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्॥
हिंदी: मनुष्य को स्वयं अपना उद्धार करना चाहिए, स्वयं को नीचे नहीं गिराना चाहिए।
सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ॥
हिंदी: सुख-दुख, लाभ-हानि, और जीत-हार में समान भाव रखो।
ज्ञानेन तु तदज्ञानं येषां नाशितमात्मनः॥
हिंदी: आत्मज्ञान से अज्ञान का नाश हो जाता है।
मुक्तसङ्गोऽनहंवादी धृत्युत्साहसमन्वितः॥
हिंदी: जो आसक्त नहीं होता, अभिमानी नहीं होता और उत्साह से कार्य करता है।
स्थितप्रज्ञस्य का भाषा समाधिस्थस्य केशव॥
हिंदी: केशव! स्थिर बुद्धि वाले व्यक्ति की भाषा कैसी होती है?
कर्मसु कौशलम्॥
हिंदी: कर्मों में कुशल होना ही योग है।

